स्वतंत्र गाइड — यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। आधिकारिक पोर्टल: ewaybillgst.gov.in (आधिकारिक साइट नए टैब में खुलेगी)

ऑनलाइन ई-वे बिल कैसे बनाएँ

अंतिम समीक्षा: लेखक: ewaybillogin संपादकीय टीम
सीधा जवाब

आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें, e-Waybill → Generate New चुनें, पार्ट A (इनवॉइस, पक्ष, माल, मूल्य, दूरी) और पार्ट B (वाहन या ट्रांसपोर्ट दस्तावेज़ नंबर) भरें, फिर सबमिट करें। पोर्टल 12 अंकों का ई-वे बिल नंबर देता है। इनवॉइस या दस्तावेज़ 180 दिन से पुराना नहीं होना चाहिए।

इस पेज पर
  1. शुरू करने से पहले
  2. पार्ट A और पार्ट B में क्या भरें
  3. आधिकारिक पोर्टल पर बनाने के चरण
  4. ई-वे बिल बनाने के अन्य तरीके
  5. 180 दिन वाला दस्तावेज़ नियम
  6. बनाने के बाद: अपडेट, एक्सटेंड, कैंसिल
  7. बनाते समय आम एरर
  8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शुरू करने से पहले

  • क्या ई-वे बिल ज़रूरी है? आम तौर पर हाँ, जब कंसाइनमेंट मूल्य ₹50,000 से ज़्यादा हो। छूट और राज्य की अलग सीमाएँ लागू हो सकती हैं। देखें ई-वे बिल क्या है और ई-वे बिल की सीमा (अंग्रेज़ी में)।
  • आपका दस्तावेज़: टैक्स इनवॉइस, बिल ऑफ़ सप्लाई, डिलीवरी चालान या अन्य दस्तावेज़, उसके नंबर और तारीख के साथ।
  • पक्षों का विवरण: GSTIN (अनरजिस्टर्ड व्यक्ति के लिए “URP”), पते और PIN कोड।
  • माल का विवरण: HSN कोड, मात्रा, टैक्सेबल वैल्यू और टैक्स दरें।
  • परिवहन विवरण: ट्रांसपोर्टर ID या GSTIN, और वाहन नंबर या ट्रांसपोर्ट दस्तावेज़ नंबर।

पार्ट A और पार्ट B में क्या भरें

पार्ट A में GSTIN, डिलीवरी स्थान, दस्तावेज़ विवरण, मूल्य, HSN और परिवहन का कारण; पार्ट B में वाहन नंबर या ट्रांसपोर्ट दस्तावेज़ नंबर
पार्ट A बनाम पार्ट B
पार्ट Aपार्ट B
क्या होता हैसप्लायर और प्राप्तकर्ता के GSTIN, डिलीवरी स्थान, दस्तावेज़ नंबर और तारीख, मूल्य, HSN, परिवहन का कारण, अनुमानित दूरीसड़क के लिए वाहन नंबर, या रेल, हवाई या जहाज़ के लिए ट्रांसपोर्ट दस्तावेज़ नंबर
कौन भरता हैसप्लायर, प्राप्तकर्ता या ट्रांसपोर्टर (जैसा लागू हो)जो माल भेजवा रहा है, आम तौर पर ट्रांसपोर्टर
असरकेवल पार्ट A से ई-वे बिल माल ढुलाई के लिए उपयोगी नहीं होतापार्ट B पहली बार भरने पर वैधता शुरू होती है

आधिकारिक पोर्टल पर बनाने के चरण

  1. लॉगिन करें

    ewaybillgst.gov.in पर यूज़रनेम, पासवर्ड, कैप्चा और OTP से। देखें ई-वे बिल लॉगिन।

  2. e-Waybill → Generate New चुनें

    ट्रांज़ैक्शन टाइप (outward या inward), सब-टाइप (supply, export, job work आदि), दस्तावेज़ का प्रकार चुनें, और दस्तावेज़ नंबर व तारीख डालें।

  3. पक्षों का विवरण डालें

    आपका विवरण अपने आप भर जाता है। दूसरे पक्ष का GSTIN (या अनरजिस्टर्ड हो तो URP), भेजने और डिलीवरी के पते और PIN कोड डालें।

  4. आइटम का विवरण डालें

    हर उत्पाद का HSN कोड, मात्रा, टैक्सेबल वैल्यू और टैक्स दरें जोड़ें। जाँचें कि कुल रकम इनवॉइस से मेल खाती है।

  5. परिवहन विवरण (पार्ट B) डालें

    परिवहन का तरीका, अनुमानित दूरी, ट्रांसपोर्टर ID, और वाहन नंबर या ट्रांसपोर्ट दस्तावेज़ नंबर डालें। पोर्टल अपनी PIN-से-PIN दूरी दिखाता है और उससे अधिकतम 10% ज़्यादा दूरी स्वीकार करता है।

  6. सबमिट करके ई-वे बिल सेव करें

    सबमिट करने पर पोर्टल 12 अंकों के नंबर के साथ ई-वे बिल दिखाता है। उसे प्रिंट करें या PDF सेव करें, और नंबर ट्रांसपोर्टर को दें।

आधिकारिक पोर्टल पर ई-वे बिल बनाएँ

ई-वे बिल केवल सरकारी पोर्टल (या अधिकृत API/GSP सिस्टम) पर ही बनाए जा सकते हैं। यह वेबसाइट ई-वे बिल नहीं बनाती।

ई-वे बिल बनाने के अन्य तरीके

  • बल्क अपलोड: ज़्यादा ई-वे बिल बनाने वाले व्यापारों के लिए पोर्टल पर बल्क जनरेशन टूल है।
  • API / GSP इंटीग्रेशन: बड़े व्यापार अपने अकाउंटिंग या ERP सिस्टम सीधे जोड़ते हैं। इसके लिए पोर्टल पर अलग API रजिस्ट्रेशन चाहिए।
  • ई-इनवॉइस से: ई-इनवॉइस जारी करने वाले करदाता IRN से ई-वे बिल बना सकते हैं।
  • ई-वे बिल 2.0 पोर्टल: ewaybill2.gst.gov.in पर भी ई-वे बिल बन सकता है।

180 दिन वाला दस्तावेज़ नियम

1 जनवरी 2025 से पोर्टल ऐसे मूल दस्तावेज़ (जैसे इनवॉइस) पर ई-वे बिल नहीं बनने देता जिसकी तारीख ई-वे बिल बनाने की तारीख से 180 दिन से ज़्यादा पुरानी हो। अगर आपका दस्तावेज़ पुराना है, तो आगे क्या करें इसके लिए अपने टैक्स सलाहकार से बात करें। ई-वे बिल एडवाइज़री (स्रोत नए टैब में खुलेगा)

बनाने के बाद: अपडेट, एक्सटेंड, कैंसिल

बनाने के बाद ई-वे बिल का प्रबंधन
कामकबध्यान दें
पार्ट B अपडेट / वाहन बदलनावैधता के दौरान कभी भीवाहन बदलने या माल ट्रांसशिप होने पर ज़रूरी
वैधता बढ़ाना (एक्सटेंड)नियम 138(10) के अनुसार समाप्ति के 8 घंटे के भीतर; देखें वैधताकारण और बची दूरी बताएँ; कुल वैधता बनने की तारीख से 360 दिन तक सीमित
कैंसिल (नियम 138(9))बनाने के 24 घंटे के भीतरकेवल तब जब माल भेजा ही न गया हो या विवरण के अनुसार न भेजा गया हो, और रास्ते में उसकी जाँच (verification) न हुई हो
दूसरे पक्ष द्वारा अस्वीकार (नियम 138(12))विवरण उपलब्ध होने के 72 घंटे के भीतर, या डिलीवरी से पहले (जो पहले हो)समय पर अस्वीकार न करने पर उसे स्वीकार माना जाता है

बनाते समय आम एरर

  • दूरी अस्वीकार: NIC का सिस्टम वास्तविक रूट की दूरी डालने देता है, पर अपने आप गणना की गई PIN-से-PIN दूरी से अधिकतम 10% ज़्यादा ही (जैसे पोर्टल 500 किमी दिखाए तो अधिकतम 550 किमी)। PIN कोड सही हैं, यह जाँचें।
  • दस्तावेज़ बहुत पुराना: ऊपर दिया 180 दिन का नियम।
  • GSTIN ब्लॉक: बकाया रिटर्न के कारण आपका या दूसरे पक्ष का GSTIN ब्लॉक है। देखें GSTIN ब्लॉक।
  • डुप्लिकेट दस्तावेज़: आपके GSTIN के लिए उसी दस्तावेज़ नंबर पर पहले से ई-वे बिल मौजूद है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बिना लॉगिन ई-वे बिल बनाया जा सकता है?

नहीं। ई-वे बिल बनाने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन (या अधिकृत API/GSP कनेक्शन) ज़रूरी है।

180 दिन से पुराने इनवॉइस पर ई-वे बिल बन सकता है?

नहीं। 1 जनवरी 2025 से पोर्टल तब ई-वे बिल नहीं बनने देता जब मूल दस्तावेज़ बनाने की तारीख से 180 दिन से ज़्यादा पुराना हो।

ई-वे बिल कैंसिल करने के लिए कितना समय मिलता है?

ई-वे बिल बनने के 24 घंटे के भीतर कैंसिल किया जा सकता है, बशर्ते रास्ते में उसकी जाँच न हुई हो।

लॉगिन करना है?

केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल का उपयोग करें। ewaybillogin.com कभी भी आपका पासवर्ड या OTP नहीं माँगता।

आधिकारिक स्रोत और संदर्भ

हर समीक्षा से पहले हम ये स्रोत जाँचते हैं। पोर्टल की स्क्रीन और नियम बदल सकते हैं। अगर यहाँ लिखी बात पोर्टल से अलग लगे, तो पोर्टल की बात मानें और हमें बताएँ।

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